#44 एक अगुवे की वास्तविक उत्तर दिशा

By द्वारा Taylor Hartley

परिचय

 

क्या आप जानते हैं कि वर्तमान में, ठीक इस समय, अमेज़न पर विक्रय के लिये 57,000 पुस्तकें हैं, जिनके शीर्षक में शब्द “अगुवाई” आता है? यह तथ्य कि इतनी सारी पुस्तकें हैं, कम से कम दो बातों को रेखांकित करता है: 1. लोगों को अगुवाई करने में सहायता की आवश्यकता है, और 2. और अगुवाई किस प्रकार से करनी है, इस पर अनेकों भिन्न विचार हैं। यदि आप से कभी किसी बात में अगुवाई करने के लिये कहा गया है, तो सम्भवतः आप समझ सकते हैं कि सहायता उपलब्ध होने के लिए इतनी इच्छा क्यों रहती है। आखिरकार, एक अगुवा होना सहज नहीं है! और फिर भी 57,000 पुस्तकें?! यदि आप को लगता है कि अगुवाई करना कठिन कार्य है, तो अमेज़न पर उपलब्ध पुस्तकों में से प्रत्येक को पढ़ने और फिर यह निर्णय करने के बारे में सोचिये, कि उन में से कौन सी अच्छी है, और कौन सी जलाए जाने वाले ढेर में डाले जाने के योग्य हैं!

तो, अगुवाई के बारे में बहुत से लोग बात कर रहे हैं, परन्तु चुनाव तो आप को ही करना है . . . कि अच्छी अगुवाई करने का परामर्श प्राप्त करने के लिये आप किस के पास जाएँगे? संभव है कि आप का पहला उत्तर हो, “मैं यह क्षेत्रीय मार्गदर्शिका पढ़ तो रहा हूँ, है कि नहीं? टेलर, मैं सहायता के लिये तुम्हारे पास आया तो हूँ।” अरे। आप को सीधे से यह आभास होना चाहिये कि अपने जीवन में मैंने कुछ बातों में अगुवाई की तो है। कभी तो यह अच्छा रहा। अन्य समयों पर, देखिये. . .उतना अच्छा भी नहीं था।

जब मैं अपनी पिछली असफलताओं के बारे में सोचता हूँ, तो मेरे विचार से यह कहना उचित होगा कि हर बार, असफलता या तो मेरे द्वारा उस तरह से परमेश्वर का भय न रखने के कारण थी जैसा मुझे रखना चाहिये था, या फिर उसकी बुद्धिमानी के लिये उस पर निर्भर नहीं रहने के कारण थी। परमेश्वर का भय नहीं रखना, अन्य कई प्रकार के भय के लिये रास्ते खोल देता है, जैसे कि औरों का भय, असफलता का भय, या ज़िम्मेदारी का भय। परमेश्वर का भय न रखना पाप करने की अनुमति मिल जाने का भी कार्य करता है। आखिरकार, यदि अगुवाई करने वालों में परमेश्वर को अपना हिसाब देने का भय नहीं होगा, तो उन्हें अपने अधिकार को अपनी ही लालसाओं के लिये प्रयोग करने से क्या रोकेगा? इसी प्रकार से, यदि अगुवाई करने वाले परमेश्वर की बुद्धिमानी पर निर्भर नहीं रहेंगे, तो वे फिर अपनी बुद्धिमानी का प्रयोग करेंगे। परमेश्वर की दृष्टि में सांसारिक बुद्धिमानी क्या है? “मूर्खता” (1 कुरिन्थियों 3:19)।

धन्यवाद करना चाहिये कि बाइबल में एक केन्द्रीय पात्र है जिसका उदाहरण, आज हमारे लिये अगुवाई करने के अनेकों सिद्धान्त प्रदान करता है—इतने कि इस मार्गदर्शिका में सभी पर चर्चा करने का समय नहीं है! जिस व्यक्ति के बारे में मैं बात कर रहा हूँ, वह, मूसा है। यदि आप अपनी बाइबल से ज़रा भी परिचित हैं, तो आप मूसा को जानते होंगे। चाहे आपने बाइबल को ठीक से पढ़ा नहीं है, परन्तु बहुत संभव है कि आप ने कम से कम उसके बारे में सुना तो अवश्य होगा! जो भी हो, मेरा सुझाव है कि आप मूसा की कहानी से परिचित होने के लिये कुछ समय अवश्य बिताएँ। आप अगले 4-5 सप्ताहों में, अपने मार्गदर्शक/मार्गदर्शिका के साथ निर्गमन और व्यवस्थाविवरण की पुस्तकों को पढ़ने के बारे में भी विचार कीजिये।

निर्गमन 2 से आरम्भ कीजिये और पूरी पुस्तक को पढ़िये। आप, निर्गमन 20-30 में, सीनै पर्वत पर दिये गए कुछ नियमों को पाएँगे, परन्तु पढ़ते रहिये। कहानी निर्गमन 31 में रोचक हो जाती है, विशेषकर 32 में, जहाँ सोने के बछड़े की, और उसके बाद उन परमेश्वर के पापी लोगों के लिये मूसा द्वारा मध्यस्थता करने की घटना दी हुई है। उसके बाद लैव्यव्यवस्था और गिनती की पुस्तकों में व्यवस्था और मूसा द्वारा इस्राएल की अगुवाई करने से सम्बन्धित विस्तृत वर्णन दिया गया है—अर्थात्, इस्राएल का पहली बार वाचा किये हुए देश के पास पहुँचना और उसके बाद उन्हें जंगल में निष्कासित कर दिये जाने का। इन दोनों पुस्तकों का संक्षिप्त विवरण पढ़ने के लिये, व्यवस्थाविवरण की पुस्तक को देखिये। वहाँ पर आप को इस्राएल की कहानी का मूसा लिखित वर्णन मिलेगा। व्यवस्थविवरण का अन्त, अध्याय 34 में, नबो पर्वत पर मूसा की मृत्यु के साथ होता है।

जैसा कि प्रत्येक अगुवे के जीवन में होता है, मूसा के जीवन में भी उतार और चढ़ाव थे, और हम दोनों से सीखने का प्रयास करेंगे कि उसने क्या सही किया, और क्या गलत किया। परन्तु, अधिकांशतः, मूसा हमारे लिये एक अच्छा अगुवा होने का उदाहरण है। यद्यपि हम से किसी को भी फिरौन के समान किसी बड़े राजा को नीचे लाने या समुद्र के मध्य में से होकर सूखी भूमि पर से लोगों को पार लेकर जाने का कार्य नहीं सौंपा जाएगा, परन्तु अगुवाई करने के उन्हीं सिद्धान्तों को हम अपने जीवनों पर भी लागू कर सकते हैं। मूसा का उदाहरण हमारी, बेहतर जीवन साथी, माता-पिता, अधिकारी, सेवक, और मित्र बनने में सहायता कर सकता है। सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि मूसा के साथ बिताया गया समय, हमें और भी अधिक विश्वासयोग्यता के साथ यीशु का अनुसरण करने में सहायता कर सकता है। हम चाहे और कुछ हासिल न भी करें, तौभी मेरी प्रार्थना है कि यह मार्गदर्शिका आप के लिये कम से कम इतना तो अवश्य करे।

ऑडियो मार्गदर्शिका

ऑडियो ऑडियो
album-art

00:00

#44 एक अगुवे की वास्तविक उत्तर दिशा

PDF PDF

विषयसूची

हमारे समाचार पत्र की सदस्यता लें और साप्ताहिक बाइबल और शिष्यत्व सुझाव प्राप्त करें।