#57 बुद्धि की खोज करना

By टियागो ओलिवेरा

भूमिका बाँधना: बुद्धि क्या है?

आप दूसरे लोगों में सबसे अधिक किस बात को महत्व देते हैं? हम अक्सर लोगों की बुद्धिमानी, योग्यता और सफलता की सराहना करते हैं, परन्तु आखिरी बार आपने कब किसी की बुद्धि के लिए उसकी बड़ाई सुनी थी? कुछ लोगों के लिए, एक बुद्धिमान व्यक्ति की छवि ऐसी होती है, कि शायद वह कोई दूर बैठा व्यक्ति हो, जो समाज से सेवानिवृत्त होकर शान्त ध्यान में लीन हो। इस दृश्य के विपरीत, मसीहियों के लिए, बुद्धि की खोज हमारे जीवनों का एक मुख्य विषय है।

नीतिवचन की पुस्तक, जिसे इसलिए लिखा गया था, ताकि हम “बुद्धि प्राप्त करें” (नीति. 1:2), जो बुद्धि को हमारी किसी भी दूसरी बात से ऊपर रखती है। नीतिवचन की पुस्तक हमें सिखाती है कि “जो अपने ऊपर भरोसा रखता है, वह मूर्ख है” (नीति. 28:26)। इसका लेखक हमें समझाता है कि हम एक घनिष्ठ मित्र की तरह बुद्धि की खोज करें (नीति. 7:4)। हमें यह भी याद दिलाया गया है कि बुद्धि “मूँगे से अधिक अनमोल है” (नीति. 3:15), क्योंकि बुद्धि को पाना ही असल में जीवन को पाना है (नीति. 8:35)। नये नियम में, मसीहियों को यह भी समझाया गया है कि “इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो: निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो” (इफि. 5:15)।

चूँकि बुद्धि ही मसीही विश्वास का केन्द्र-बिन्दु है, परन्तु आज के समाज में इसे अनदेखा किया जाता है, इसलिए हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि बुद्धि क्या है। यदि हम बुद्धि की खोज करना चाहते हैं, तो हमें यह मालूम होना चाहिए कि हम किस बात की खोज में हैं।

बुद्धि को एक ऐसी क्षमता के तौर पर सोचें, जो किसी व्यक्ति को उस बात को लागू करने में सक्षम बनाती है, जिसे वह जानता है। एक कुशल कारीगर वह होता है, जिसे न केवल यह मालूम होता है कि हर औजार किस काम आता है और किस परियोजना के लिए कौन सा सामान उपयोग करना है, बल्कि वह उस जानकारी को समझदारी से काम में लाते हुए कुछ काम के और सुन्दर सामान भी बना सकता है। बुद्धि एक ऐसा कौशल है, जो लोगों को किसी विशेष उद्देश्य को पाने के लिए आवश्यक साधनों का उपयोग करने में सक्षम बनाती है। अत:, बुद्धि केवल जानकारी ही नहीं है, बल्कि उस जानकारी का सबसे अच्छे तरीके से उपयोग करने की क्षमता है। इसका अर्थ यह है कि कोई व्यक्ति सैद्धांतिक तौर पर यह तो जान सकता है कि नाव कैसे बनाई जाती है (कौन सा सामान उपयोग करना है, कौन से औजार चाहिए, प्रक्रिया कैसी होनी चाहिए), और वह स्वयं नाव बनाने में सक्षम न हो। कुछ पकाने की विधि का होना एक बात है। परन्तु उसे कैसे पकाना है, यह जानना बिलकुल अलग बात है। बाइबल में, हमारे पास यूसुफ जैसे उदाहरण हैं, जिसने कुशलता से मिस्र पर शासन किया और जिसके बारे में फ़िरौन ने कहा था कि “तेरे तुल्य कोई समझदार और बुद्धिमान नहीं” (उत्प. 41:39)। या इनके बारे में सोचिए—“बसलेल और ओहोलीआब और सब बुद्धिमान जिनको यहोवा ने ऐसी बुद्धि और समझ दी हो कि वे यहोवा की सारी आज्ञाओं के अनुसार पवित्रस्थान की सेवा के लिये सब प्रकार का काम करना जानें, वे सब यह काम करें” (निर्ग. 36:1; 1 राजा. 7:14)।

Tयह जीवन कौशल मार्गदर्शिका बुद्धि की बुनियादी बातों को और उसे कैसे प्राप्त किया जाए, इसको सम्बोधित करती है। यह बुद्धिमान होने के अर्थ को समझने के साथ-साथ यह जानने का प्रयास करती है कि बुद्धिमान कैसे बना जाए। हम इस बात पर अधिक ध्यान नहीं देंगे कि हर तरह का निर्णय कैसे लिया जाए,[1]

बल्कि हम इस बात पर विचार करेंगे कि जीवन में हमें जो अनगिनत निर्णय लेने पड़ते हैं, उनके लिए बुद्धि को पाने का प्रयास करने का क्या अर्थ होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो बुद्धि की खोज करना एक बुद्धिमान मनुष्य बनने का कार्य है। निर्णय लेना चुनाव करने का एक काम होता है—यह एक ऐसा विशेष काम है, जो उस बुद्धि को दर्शाता है, जिसे किसी ने विकसित किया है। बुद्धि की खोज केवल निर्णय लेने के दायरे में नहीं, बल्कि चरित्र-निर्माण के दायरे में आती है।

अत:, हम बुद्धि की खोज करने के अभ्यास पर ध्यान देंगे। हम ईश्वरीय बुद्धि की खोज करने के पाँच तरीकों को समझेंगे, जो आपस में जुड़े हुए हैं। कुछ तरीके अधिक बुनियादी हैं, परन्तु आप और मैं बुद्धिमान बन सकें, इसके लिए उन सभी तरीकों की आवश्यकता है।

  1. प्रभु का भय—सच्ची बुद्धि की नींव
  2. मसीह—बुद्धि देहधारी हुई और छुड़ाई गई
  3. प्रार्थना—पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से बुद्धि की खोज करना
  4. पवित्रशास्त्र—बुद्धि का स्रोत और मार्गदर्शक
  5. स्थानीय कलीसिया—बुद्धि की खोज के लिए एक ढाँचा

आइए, बुद्धि की खोज के इनमें से सबसे बुनियादी तरीके से आरम्भ करें:

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